Wednesday, February 16, 2011

बगावत

एह शमा जली है कहीं ,
भड़की कहीं एक चिंगारी है ,
कुछ सरगर्मी सी है नुमाया ,
एक बड़ी आग कि तैयारी है |

कुछ होसले है बुलंद ,
कुछ आवाज़ों में बेकरारी है,
एक जूनून सा सरमाया है
कोई फैसला सुनाने कि तैयारी है |

खुल गयी कुछ ऑंखें है ,
 ख़त्म हुई सी खुमारी है ,
हर कोने में छुपा कोई साया है ,
एक बड़े उजाले कि तैयारी है |

बिखरे पड़े है पत्ते हर जगह ,
अब फूंक मारने कि बारी है,
खौफ कुछ चेहरों पर नज़र आया है ,
एक बगावत कि जो तैयारी है | 
                         -ताबिश 'शोहदा' जावेद

17 comments:

  1. aapki yah sundar rachna kal charchamanch par hogi ...
    aap charchamanch par aa kar apne vichaar jaroor likhen .. saadar dhnyaavaad

    ReplyDelete
  2. prabhavi prastutikaran. mere blog kaushal par bhi aapka hardik swagat hai.

    ReplyDelete
  3. कई अर्थों को समेटे अच्‍छी रचना। बधाई हो आपको।

    ReplyDelete
  4. बहुत प्रभावपूर्ण सुन्दर रचना

    ReplyDelete
  5. प्रिय बंधुवर ताबिश जावेद जी
    सस्नेहाभिवादन !
    पहली बार पहुंचा हूं आपके यहां , आ'कर अच्छा लगा । पुरानी पोस्ट्स की रचनाएं भी खंगाली … निराशा नहीं हुई …

    प्रस्तुत रचना भी पसंद आई -
    हर कोने में छुपा कोई साया है
    एक बड़े उजाले कि तैयारी है

    वाह वाऽऽह ! क्या ख़ूब !

    तीन दिन पहले प्रणय दिवस भी था , मंगलकामना का अवसर क्यों चूकें ?
    प्रणय दिवस की मंगलकामनाएं !

    ♥ प्रेम बिना निस्सार है यह सारा संसार !♥
    बसंत ॠतु की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

    ReplyDelete
  6. खुल गयी कुछ ऑंखें है ,
    ख़त्म हुई सी खुमारी है ,
    हर कोने में छुपा कोई साया है ,
    एक बड़े उजाले कि तैयारी है |

    एक बड़े उजाले कि तैयारी है
    की *
    यह रचना कई अर्थों को समेटे है ....आपका रचनात्मक कौशल प्रगति पर है ...यूँ ही अनवरत लिखते रहिये ...आपका शुक्रिया

    ReplyDelete
  7. Excellent Composition..keep going

    ReplyDelete
  8. tabish bhai kiya kahne aapke ,,aap tou taari lagne ke baatein karne lag pare ,bhai jee beet gaya kher "MINDBLOWING" ,,dil ko chu gayi baatein ...proud to be ur friend.... luv u...

    ReplyDelete
  9. Aree chotu itna sochne laga yaar....great going ...aakhir hai to shariq ka bhaai yaar....ur brother writes so well...do mootivate him to post his compositions on the net.....i dnt thnk u remember me....but i do...u were a kid that time...u can ask shariq bout me...Anyways do send me more links...i really appreciate gud poetry n will share mine with uys too....GOD BLESS U ....!

    ReplyDelete
  10. Well said dear....this thought is the reflection of ur intellect which u inherited from ur esteemed family....shariq also writes well but he never post his compositions online....U might b wondering who i am??? i knwo u dear...u were a kid that time whni used to visit u..u cn ask shariq bout me n keep on writing such meaningful lines.....God Bless u... Nadeem

    ReplyDelete
  11. waah beta shabash!!! aagey aur achha likhtey raho bahut sari duayein. mummy

    ReplyDelete
  12. wah tabish bhai wah.........

    ReplyDelete